आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज की ओर से "एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन



महमूद आलम 

बाराबंकी । मीडिया से जुड़े अधिकांश प्रतिनिधि, चिंतक, विचारक तथा लेखक पत्रकार इस तथ्य से भली भांति परिचित हैं कि मुस्लिम पसमांदा समाज को भारत की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं देती हैं। इसी कारण पसमांदा मुस्लिम समाज किसी भी सरकार में मुनासिब नुमाइंदगी से महरूम रह जाता है। उक्त विचार ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ द्वारा आयोजित गांधी भवन में  महाज के जिलाध्यक्ष हाजी नूरुल हसन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने संबोधित करते हुए कहा कि इसके विपरीत कुछ हिंदू पिछड़ी जातियों को उनकी आबादी से अधिक प्रतिनिधित्व मिल जाता है, इसी कारण सरकार में भी उनका हिस्सा उनकी आबादी के अनुपात से अधिक रहा है। पिछले करीब तीन दशकों का उत्तर भारत का राजनीतिक इतिहास यही बता रहा है। 



मुस्लिम पसमांदा  समाज के बीच उन जातीयों को जोड़ कर बना एक संगठन है जिनको उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। अन्सारी , राईन, मंसूरी और सलमानी , धोबी , फ़क़ीर, मनिहार, हलवाई, नट, बंजारा आदि  है। सभी बिरादरी को कोई पार्टी समुचित स्थान देने को तैयार नही हैं पार्टियों का कहना है कि उन्हें मुस्लिम वोट मिलता है। यह अशराफ(स्वर्ण )तबके का फैलाया हुआ भ्रमजाल है ताकि उनकी नेतागीरी बनी रहे। पसमांदा मुसलमानों को कभी सेक्युलरिज़्म के नाम पर समाज का नेता न चुनने की मजबूरी होती है तो कभी शायरी की वजह से मन मसोस कर बैठ जाना पड़ता है। इन हालात को हमेशा इसी तरह का बनाए रखने के लिए मुस्लिम अशराफ सियासी दलों के आला कमान को तरह तरह से ’मुस्लिम वोटों’ का प्रलोभन देने में सफल होते रहे हैं। पसमांदा मुस्लिम समाज के बीच से आने वाली लीडरशिप पर सवालिया निशान भी यही लोग लगाते हैं। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ सभी सियासी दलों के आलाकमान से मांग करता है कि पसमांदा मुस्लिम बिरादरियों के नेताओं को उनकी आबादी के अनुपात में समुचित नुमाइंदगी देना सुनिश्चित करे ताकि पूरे मुस्लिम समाज को सामाजिक न्याय के अंतर्गत भागीदारी मिल सके। इसके अलावा निम्न बिंदुओं के अनुसार पसमांदा महाज़ 2027 के विधान सभा चुनाव की रणनीति तैयार कर चुका है। विभिन्न राजनीतिक दलों में पिछड़े, अति पिछड़े या पसमांदा मुसलमानों की नुमाइंदगी उनकी आबादी के आधार पर सुनिश्चित करने का अभियान। प्रदेश सरकार से मुस्लिम पिछड़ी जातियों के आरक्षण के आधार पर उनके प्रतियोगी परीक्षार्थियों की भर्ती की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास। प्रदेश सरकार की विभिन्न स्वायत्तशासी संस्थाओं जैसे वक्फ बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि में पिछड़ी जातियों या पसमांदा मुस्लिम रहनुमाओं के मनोनयन के प्रयास। पसमांदा मुस्लिम बहुल जनपदों में उनके कारोबार, व्यवसाय, उद्योगों की प्रगति के लिए फैसिलिटेशन सेंटर खोलने की प्रदेश तथा केंद्र सरकार से मांग। 



मुस्लिम पिछड़ी जाति बहुल जनपदों जैसे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, आजमगढ़, मऊ, बस्ती, वाराणसी आदि में पसमांदा वरिष्ठ मुस्लिम अधिकारियों को डीएम, सीडीओ, एसपी, एसडीएम आदि पदों पर तैनाती के प्रयास। 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पसमांदा मुस्लिम बहुल विघानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक पार्टियों के टिकट दिलाने के प्रयास।2027 में उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में पिछड़े, अति पिछड़े या पसमांदा मुस्लिम प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चत करने के लिए विभिन्न स्तर पर जैसे ’सोशल मीडिया वार रूम’, प्रचार प्रसार सामग्री आदि तैयार करना। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री ओ बी सी के लाल श्री नरेन्द्र मोदी ने दबे शोषित वंचित पिछड़े की शुद्ध ली और गरीब कमजोर पसमांदा मुसलमानों को भी मुख्यधारा में लाने का उनका काम और प्रयास में पसमांदा समाज की तरफ़ से उनका शुक्रिया अदा करता हूँ जिस तबके की किसी सरकार ने नहीं सुना उन कमज़ोरों के मसीहा आप बने आने जो भी चुनाव होने देश का राष्टवादी पसमांदा मुसलमान मोदी जी और योगी जी के साथ कंधा मिला कर चलेगा । जिस तरह से आवास योजना, राशन, आयुष्मान योजना का फायदा पसमांदा मुसलमानों को मिल रहा है वो पिछली सरकारों में कभी नही मिला है बतौर विशिष्ट अतिथि ऑल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज राष्ट्रीय महासचिव वकार हवारी ने कहा हाथ से सिंचाई शुरू करके बिजली से सिंचाई करने वाले किसानों का बिजली बिल उ0प्र0 सरकार ने माफ कर दिया है जो कि एक सराहनीय काम है। अब बात ये कि हथकरघा से बुनाई शुरू करके बिजली से बुनाई करने वाले बुनकर हस्तकला को पूरे भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व मे परोतसाहित कर रहे हैं। आप इन बुनकरों के दयनीय जीवन शैली से भली भाँति अवगत हैं आप उ0प्र0 के बुनकरों की अपनी कृपा दृष्टि करदें तो उनका भी कल्याण हो गया है बुनकरों को प्रदेश सरकार ने ४३०० करोड़ का जो पैकेज दिया मैं उसका स्वागत करता हूँ और राईन, कुरैशी, धोबी, फ़क़ीर, मनिहार, हलवाई आदि जाति के लोगो को भी इसी प्रकार योजनाओ का फाईदा सरकार पहुँचाये तभी सारे पसमाँदा समाज के लोग का विकास होगा और मुख्यधारा से जुड़कर देश के लिए काम करेंगा।   इस अवसर पर महाज़ के ज़िला महामंत्री नूर मोहम्मद राईन सहित महाज़ के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे मण्डी अध्यक्ष इकराम राईन, मालिक समाज जिला अध्यक्ष इरसाद मलिक, कुरैशी समाज के अध्यक्ष सादाब कुरैशी, घुमंतू समाज के अध्यक्ष गयादीन लोधी , निसार राईन, गुफरान राईन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य इसराईल अंसारी सहित पांच सैकड़ा लोग उपस्थित रहे ।

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